सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सीजेपी नेता, फिर कुछ घंटों में वापस ली याचिका; अभिजीत दीपके समेत तीन नेताओं की हिरासत पर उठे सवाल

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद याचिका वापस लेने की अनुमति मांग ली गई। सीजेपी से जुड़े गौरव भाटी ने तीनों नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर शीर्ष अदालत में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई थी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका

गौरव भाटी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हिरासत में लिए गए सीजेपी नेताओं की रिहाई की मांग की थी। उन्होंने कहा कि यह याचिका उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर दायर की है, संगठन की ओर से नहीं। याचिका में हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान सार्वजनिक करने और प्रत्येक मामले में हिरासत के कारणों एवं कानूनी आधार की जानकारी देने की मांग की गई थी।

हालांकि, याचिका दाखिल करने के कुछ घंटे बाद ही गौरव भाटी ने इसे वापस लेने की अनुमति मांग ली। याचिका वापस लेने के पीछे कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

आईजीआई एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए थे तीनों नेता

सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से हिरासत में लिया गया था। तीनों नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। विमान से बाहर निकलने से पहले ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया और अपने साथ ले गए।

प्रदर्शन में शामिल हजारों सीजेपी समर्थकों को देर शाम तक रिहा कर दिया गया, लेकिन अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका पुलिस हिरासत में बने रहे।

जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए सीजेपी ने जंतर-मंतर जाने का ऐलान किया था। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने जंतर-मंतर क्षेत्र में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की और कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए।

प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के चलते जंतर-मंतर पूरे दिन काफी हद तक खाली नजर आया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन को रोकने के लिए सात हजार से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

सीजेपी ने रविवार को भी आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान

सीजेपी ने रविवार को भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है। संगठन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने पर कायम है। ऐसे में अब दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं, रविवार को सुप्रीम कोर्ट में ट्रेनों और मेट्रो समेत अन्य प्रतिबंधों से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई होनी है।

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